बिलासपुर। 900 से 1400 रुपए। ठहरी हुई है कीमत। बढ़ने की संभावना इसलिए नहीं क्योंकि भरपूर भंडारण किया हुआ है संस्थानों ने। केमिकल, ऑयल और ग्लूकोज के खाली ड्रम बाजार को इस वर्ष बेहतर मांग की संभावना है क्योंकि शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्माण जोरों पर है।
ग्रीष्म ऋतु के संकेत मिलने लगे हैं। हैंड पंप कभी भी साथ छोड़ सकते हैं, तो बोरवेल से निकलते पानी की धार पतली होने लगी है। ऐसे में भंडारण के इंतजाम करने की कवायद चालू हो चुकी है। प्लास्टिक के ड्रम बेचने वाली संस्थानों के पास पूछताछ और छिटपुट खरीदी भी चालू हो चुकी है। बीते गर्मी के दिनों में जो भाव थे, वैसी ही कीमत बनी हुई है।

इस कीमत पर
केमिकल, ऑयल और ग्लूकोज के खाली ड्रम की कीमत 900 से 1400 रुपए पर स्थिर है। 200 लीटर क्षमता वाले यह ड्रम इस बार भी खूब नजर आ रहे हैं। छोटे ड्रम 250 से 300 रुपए बोले जा रहे हैं लेकिन बेहतर मांग हमेशा की तरह बड़े ड्रमों में ही बनने की प्रबल संभावना है क्योंकि जल भंडारण क्षमता 200 लीटर की होती है।
ग्रोथ 50 फ़ीसदी की ?
दैनिक जरूरतें तो अपने स्तर पर मजबूत हैं लेकिन प्लास्टिक ड्रम विक्रेता संस्थानों को इस बरस इस सीजन में मांग में 50% बढ़त की संभावना इसलिए है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवास योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य जोरों पर है, तो शहरी क्षेत्र में भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। इसलिए प्लास्टिक के ड्रम संभावित मांग को देखते हुए भंडारण किये गए हैं।

साथ छोड़ते बोर
कुओं का जल स्तर तो फिलहाल बना हुआ है लेकिन बोरवेल्स और हैंडपंप से निकलने वाले पानी की धार अब धीमी और पतली होने लगी है। इसलिए दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल संचय के उपाय के बीच प्लास्टिक के ड्रम पूछताछ और खरीदी में पहले क्रम पर है। इसके बाद तेल और वार्निंश पेंट की खाली बाल्टियां भी अब मांग में आने लगीं हैं।
