दो मलाईदार रेंज का भी मिल गया था प्रभार
उधर शिकायत हुई इधर खत्म हुआ वित्तीय प्रभार
बिलासपुर. पंचायत मंत्री ने विधानसभा के बजट सत्र में सदन से जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ समेत 15 अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित करने घोषणा की थी. उसमें शामिल एक रेंजर पर अफसर इतने मेहरबान कि निलंबन के पांच महीने के भीतर ही विभागीय जांच संस्थापित होने के बाद भी बहाल कर दिया गया. मेहरबानी ऐसी कि दो मलाईदार वन परिक्षेत्र का प्रभार दे दिया गया था. इसकी शिकायत जिस दिन हुई उसी दिन रेंजर से वित्तीय अधिकार छीन लिया गया है.
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख छत्तीसगढ़ शासन रायपुर से बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव देवकुमार कनेरी ने रतनपुर वन परिक्षेत्र रेंजर गोपाल प्रसाद जांगड़े की शिकायत की है. कनेरी ने शिकायत में बताया है कि गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के चर्चित मनरेगा घोटाले के आरोपी तत्कालीन रेंजर गोपाल प्रसाद जांगड़े को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल राकेश चतुर्वेदी ने अपने सेवनिर्वित्ति से महज चंद रोज पहले बहाल कर रतनपुर रेंज में पदस्थ कर दिया. इसके साथ ही उसे बिलासपुर रेंज का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया. इस पर उन्होंने विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताया है।

उन्होंने शिकायत पत्र में कहा है मरवाही वन मण्डल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में गड़बड़ी की गई थी. मार्च 2022 के बजट सत्र में विधायक गुलाब कमरो ने इस मामले को विधानसभा में उठाया था. मरवाही वन मण्डल के ग्राम चुकतीपानी, ठाड़पथरा, पकरिया, केंवची, पडवनिया व तराईगाँव में मनरेगा के तहत स्वीकृत 33 स्टॉप डेम एवं पुलिया निर्माण कराये बिना ही पैसे निकाल लिये गये. इससे शासन को 6 करोड़ रुपये का नुकसान होने का खुलासा हुआ. सदन में पंचायत मंत्री टी .एस. सिंहदेव ने 21 मार्च 2022 को जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ समेत 15 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निलंबित करने की घोषणा की थी. इसमे तत्कालीन गौरेला रेंजर गोपाल प्रसाद जांगड़े का भी नाम शामिल था. 22 अप्रैल 2022 को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने वनक्षेत्रपाल गोपाल प्रसाद जांगड़े को निलंबित कर दिया. था अपनी सेवानिवृत्ति के 3 दिन पहले प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने रेंजर जांगड़े को बहाल कर रतनपुर रेंज जैसे महत्वपूर्ण जगह पर पदस्थ कर दिया. उसके खिलाफ विभागीय जांच भी बिठाया गया है. इसके बाद भी बिलासपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक राजेश चंदेले ने रेंजर जांगड़े को नियम विरुद्ध बिलासपुर रेंज का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया. गोपाल प्रसाद जांगड़े की सेवानिवृत्ति को चार माह ही बचे है. ऐसे में समझा जा सकता है कि मंत्री द्वारा निलंबित रेंजर (अब बहाल ) पर विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों की इतनी मेहरबानी है.
प्रभार के लिए अनुमोदन जरूरी
जिन पदों पर पदस्थापना के लिये शासन को शक्तियां प्राप्त है उन पदों पर मुख्यालय व क्षेत्रीय कार्यालय से ही अस्थायी व्यवस्था के लिए अधिकारी-कर्मचारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपने संबंधी आदेश जारी कर शासन को सूचना भेज दी जाती है, जो कि नियम विरुद्ध हैं. नियमतः अस्थायी व्यवस्था के लिए किसी भी अधिकारी -कर्मचारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपने का भी आदेश जारी करना आवश्यक है तो शासन से अनुमोदन के लिए मुख्यालय द्वारा शासन को प्रस्ताव प्रेषित कर अनुमोदन बाद ही प्रभार का आदेश निकाला जाये. 11 नवम्बर 2022 को सचिव छत्तीसगढ़ शासन वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग आर. संगीता ने आदेश जारी कर पदस्थापना- प्रभार सौंपे जाने सम्बंधी प्रस्ताव अभिमत सहित शासन को भेजना सुनिश्चित करने को कहा है लेकिन सचिव के आदेशों की नाफरमानी करने से भी विभागीय अधिकारी गुरेज नही करते।

सीसीएफ ने छीना वित्तीय अधिकार
राजेश कुमार चंदेले मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर वृत बिलासपुर के आदेश क्रमांक/स्था./95/2023/बिलासपुर दिनांक 16/03/2023 वन मंडला धिकारी बिलासपुर वन मंडल द्वारा प्रेषित प्रस्ताव अनुसार गोपाल प्रसाद जांगड़े रेंजर वन क्षेत्र पाल परिक्षेत्र अधिकारी रतनपुर द्वारा अपने कर्तव्य और दायित्व का निर्वहन न करते हुए शासकीय कार्यों में रुचि नहीं लिये जाने के कारण आहरण और संवितरण का अधिकार वापस लेते हुए वन वित्तीय नियम के नियम 73 के उप नियम 74 टी ओ 16 के अंतर्गत पूरक नियम वन लेखा संहिता धारा 6 के अंतर्गत आहरण एवं संवितरण का अधिकार राम सिंह राठिया वन क्षेत्र पाल परिक्षेत्र अधिकारी बेलगहना परिक्षेत्र को वन परिक्षेत्र अधिकारी रतनपुर से संबंधित समस्त प्रकार के देयकों का भुगतान हेतु आहरण एवं संवितरण अधिकारी अधिकृत किया गया है.

क्या था मामला
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी के आदेश कमांक/रा/326/2012/627 नवा रायपुर अटल नगर दिनांक 21/09/2012 में कहा गया है कि विधानसभा ध्यानाकर्षण सूचना कमांक 255 द्वारा विधायक गुलाब कमरो के ध्यानाकर्षण सूचना पर मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मरवाही महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्य एजेंसी मरवाही वन मण्डल द्वारा ग्राम पंचायत चुकतीपानी, ठाड़ पथरा, पकरिया, केंवची पड़वनियां व तराईगाव में पुलिया एवं स्टॉपडेम निर्माण कार्यों में अनियमितता कर शासकीय राशि का गबन के मामले में 21 मार्च 2022 को जिला पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी समेत 15 अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित करने की सदन में घोषणा की गई। जिसके परिपालन में कार्यालयीन आदेश कमांक 279 दिनांक 22 अप्रैल 2022 द्वारा गोपाल प्रसाद जांगड़े क्षेत्रपाल तत्कालीन परिक्षेत्र गौरेला (सा.) परिक्षेत्र, वनमण्डल मरवाही को निलंबित कर मुख्यालय बिलासपुर मंडल कार्यालय निर्धारित किया गया था। निलंबित रेंजर गोपाल प्रसाद जांगड़े को कार्यालयीन पत्र क्रमांक /5910 दिनांक 3 जून 2022 के द्वारा आरोप पत्र जारी किया गया। रेंजर जांगड़े ने 25 जुलाई 2022 को आरोप पत्र का जवाब दिया।
जवाब पर सीसीएफ की असहमति, विभागीय जांच का आदेश
वनमण्डलाधिकारी मरवाही के पत्र क. /1455 दिनांक 06.09.2022 एवं मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर के पत्र क/2288 दिनांक 19.09.2022 के द्वारा जवाब पर अभिमत प्रस्तुत किया गया। अभिमत में वनमण्डलाधिकारी मरवाही ने जवाब पर सहमति जताई और मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर ने जवाब पर असहमति व्यक्त कर अनुशासनिक कार्यवाही प्रारंभ करने के लिए विभागीय जांच संस्थित करने की अनुशंसा की है। मुख्य वन संरक्षक बिलापुर की अनुशंसा के आधार पर रेंजर जागड़े के विरूद्ध विभागीय जांच करने का निर्णय लिया गया। विभागीय जांच का आदेश पृथक से जारी किया गया है।

यहाँ इन कार्यों के लिए किया बहाल
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने जारी आदेश में रेंजर जांगड़े को बहाल कर वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा व अन्य वानिकी कार्यों के सुचारू रूप से सम्पादन के लिए परिक्षेत्र अधिकारी रतनपुर (सा.) परिक्षेत्र, वनमंडल बिलासपुर में प्रशासनिक दृष्टि से आगामी आदेश तक पदस्थ किया। आदेश में कहा गया कि बहाली आदेश का विभागीय जांच पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। निलंबन अवधि का निराकरण विभागीय जाँच रिपोर्ट के बाद गुण-दोष के आधार पर पृथक से किया जायेगा।
