एकलव्य आदर्श आवासीय गुरुकुलम् विद्यालय में स्थापना दिवस पर हुए रंगारंग सांस्कृतिक

देवेन्द्र कुमार जैन

भोपाल। मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर संदीप केरकेट्टा ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना कर कहा कि अपनी सेवाकाल के 16 वर्षों में पहली बार किसी शासकीय संस्था को इतना उत्कृष्ट पाया है। उन्होंने विद्यार्थियों  से समाज के विकास में योगदान देने और प्राप्त अवसर का लाभ उठाकर सर्वोत्कृष्ट रूप से अपने जीवन में उन्नति करें ।

जनजातीय कार्य विभाग के अधीन संचालित बावड़िया कला स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय गुरुकुलम् विद्यालय में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में वंशिका व उन्नति ने छत्तीसगढ़ी लोक गीत गाया और चांदनी व नेहा के समूह ने गोंडी नृत्य की प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश की आदिवासी संस्कृति की गौरव गोंडी बोली में शुचिता ने ‘ओ महुआ गिरे रे…’ लोक गीत गाया। दीपिका व राधा के समूह ने मध्यप्रदेश की समस्त आदिवासी संस्कृति को समाहित करता हुआ ‘आदिवासी जंगल का रखवाला रे…’ गीत पर समूह नृत्य की प्रस्तुति दी। इसमें आदिवासी जननायक बिरसा मुंडा व टंट्या मामा का गौरव गान किया गया।

कटारा हिल्स स्थित ज्ञानोदय विद्यालय के विद्यार्थियों के समूह ने गोंडी कर्मा नृत्य की प्रस्तुति दी जिसमें उन्होंने जनजातीय कला व संस्कृति की झलक दिखाई। अदिति ने बालिकाओं की श्रेष्ठता पर आधारित भावात्मक कविता पाठ किया। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संदेश पर आधारित नाटक का मंचन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने बालिका शिक्षा की महत्ता को दर्शाया। कार्यक्रम का समापन मध्यप्रदेश गान के साथ हुआ। सभागार में मध्यप्रदेश गान गाया। इस अवसर पर सहायक आयुक्त अवनीश चतुर्वेदी, सहायक संचालक अनिल सोनी व एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्य उपस्थित रहे।