जिला प्रशासन ने जारी किया 24 बिन्दुओं का आदेश

बिलासपुर। चौबीस बंदुओं में उल्लेखित 31 शर्तो के साथ नगर निगम और नगर पालिका से अनुमति मिलने के बाद ही जिले में भगवान विघ्नहर्ता की मूर्ति विराजित होगी जिला प्रशासन के इसके लिए आदेश जारी कर दिया हैं। जिसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
गणेश चतुर्थी का उत्सव जिले में 10 सितंबर से आयोजित किए जाएंगे। कोरोना की विभिषिका को देखते हुए जिला प्रशासन इसे लेकर अलर्ट है। कोरोना का संक्रमण रोकने जिला प्रशासन तमाम तरह की कवायद कर रहा। इसी के तहत मंगलवार को जिला प्रशासन ने गणेशोत्सव को लेकर आदेश जारी किया है। अतिरिक्त कलेक्टर और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने जारी अपने आदेश में कहा है नोवेल करोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण और रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा आगामी माह जिले में कोरोना पाजीटिव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की संभावना है, जिसे रोकने एवं नियंत्रण में रखने के लिए सभी संबंधित उपायों को अमल में लाना जाना उचित और अति आवश्यक हो गया है।


इन शर्तों का करना होगा पालन

अतिरिक्त कलेक्टर और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने द्वारा जारी गणेशोत्सव के संबंध में जारी 24 बिंदुओं के निर्देश में मूर्ती की अधिकतम ऊंचाई चार फीट व प्लास्टर आफ पेरिस से बनी हुई न हो। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल के आकार 15 बाई 15 से अधिक के नहीं होने चाहिए। पंडाल के सामने कम से कम पांच सौ वर्ग फीट खुली जगह होनी चाहिए। पांच सौ वर्ग फीट खुली जगह में कोई सड़क अथवा गली नहीं होनी चाहिए। पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने पृथक से पंडाल न हो दर्शकों व आयोजकों के बैठने कुर्सी नहीं लगाएं जाए। एक समय में पंडाल के सामने 10 लोगों से ज्यादा जमा न हों मूर्ति दर्शन व पूजा में शामिल लोग बिना मास्क न जाए ऐसा करते पाए जाने पर व्यक्ति और समिति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


दर्शनार्थियों का रखना होगा हिसाब


मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति या समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी, जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों के नाम पता मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा। जिससे कि करोना संक्रमित मिले तो कांट्रेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति स्थापना करने वाले व्यक्ति व समिति द्वारा सेनेटाइजर थर्मल स्क्रीनिंग ऑक्सीमीटर हैंडवास व क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की भी व्यवस्था की जाएगी । थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाए जाने अथवा करोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाए जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी । फिजिकल दूरी आगमन और प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस बल्ली से बेरीकेटस लगाकर कराया जाएगा। कांटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी वहीं पूजा अविध के दौरान उस क्षेत्र के कांटेनमेंट जोन घोषित होने पर पूजा तत्काल समाप्त करनी होगी।


धुमाल और डीजे बजाने की नहीं होगी अनुमति


मूर्ति स्थापना, विसर्जन व उसके बाद किसी भी प्रकार के भोज भंडारा जगराता, सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। केवल हाथ से बजाए जाने वाले कम ध्वनि वाले वादय यंत्रव सुप्रीम कोर्ट के गाइड लाइन अनुसार लाउड स्पीकर का उपयोग किया जा सकेगा मूर्ति आगमन व विसर्जन के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्र धुमाल और डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी।


मूर्ति विसर्जन में 10 लोगों के शामिल होने की रहेगी अनुमति


मूर्ति आगमन व विसर्जन के दौरान प्रसाद चरणांमृत, खाद्य व पेय पदार्थ के वितरण की अनुमति नहीं होगी । मूर्ति विसर्जन के लिए एक लाईट वाहन की अनुमति रहेगी बड़े वाहन पूणर्त: प्रतिबंधित रहेंगे । विसर्जन वाहन में अतिरिक्त साज सज्जा झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन में 10 लोग ही शामिल हो सकेंगे। जो मूर्ति के साथ ही वाहन में बैठेंगे।


निधार्रित विसर्जन कुंड पर ही करना होगा विसर्जन


विसर्जन के लिए जा रहे वाहन को रास्ते में कहीं पर भी रूकने की अनुमति नहीं होगी। छोटी मूर्तियों का विसर्जन यथा संभव घर पर करें बड़ी मूर्तियों और पूजन सामाग्रियों का विसर्जन नगरपालिका निगम द्वारा निधार्रित विसर्जन कुंड पर ही किया जाए। विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित रूट, तिथि व समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के बाद सूर्योदय से पहले विसर्जन की अनुमति नहीं होगीँ इन्हीं शर्तों पर ही घर में भी मूर्ति स्थापना की अनुमति रहेंगी।


तीन दिन पहले शपथ पत्र के साथ करना होगा आवेदन


घर के बाहर परिसर के अंदर या सार्वजनिक स्थान पर मूर्ति स्थापित करने तीन दिन पहले नगर निगम बिलासपुर के संबंधित जोन कार्यालय में निर्धारित शपथ पत्र मय आवेदन देना होगा। अनुमति मिलने के बाद ही मूर्ति स्थापित करनी होगी। सार्वजनिक निस्तार व यातायात प्रभावित होने वाली जगहों पर मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिला प्रशासन के तय शर्तों के साथ ही भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय छत्तीसगढ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, व जिला प्रशासन बिलासपुर द्वारा समय समय पर जारी दिशा-निर्देशों व आदेश का पालन करना होगा। निर्देशों की अवहेलना करने पर एपीडेमिक डिसिज एक्ट और विधि के अनुकुल अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।