आरंग। ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए गाँव के विकास के लिए पंचायतों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। सरकार द्वारा गाँव के विकास के साथ ग्रामीणों के विकास के लिए योजनाएं बनाई जा रही है। सभी जिम्मेदारी के साथ समर्पित होकर गाँव के विकास के लिए कार्य करेंगे तो गाँव के साथ आपकी भी पहचान बढ़ेगी । यह बात नगरीय प्रशासन व श्रम मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने कही।
आरंग में छत्तीसगढ़ सरपंच संघ के सम्मेलन में डॉ. डहरिया कहा आप सभी निर्वाचित और बहुत ही सम्मानित जनप्रतिनिधि है। महात्मा गाँधी ने जो ग्रामीण और आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न देखा था उसे देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी ने आगे बढ़ाया। पंचवर्षीय योजना लागू करने के साथ बड़े उद्योगों की स्थापना, अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में कार्य किया गया। प्रधानमंत्री श्री राजीव गाँधी ने पंचायती राज व्यवस्था लाकर पंचायतों को कई अधिकार देकर अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ छत्तीसगढ़ में पंचायतों को मजबूत और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य की जा रही है। पंचायतों के अधिकारों में कभी कमी नहीं की गई है। कार्यक्रम में सरपंच संघ के अध्यक्ष गोपाल धीवर, जनपद पंचायत अध्यक्ष खिलेश्वर देवांगन, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष चंद्रशेखर चंद्राकर सहित अलग-अलग ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित थे।
गांव को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाएं
मंत्री डॉ डहरिया ने कहा कि सरपंचों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, उन्हें पंचायती राज अधिनियम के साथ अपने अधिकारों की भी जानकारी होनी चाहिए। गाँव के विकास के साथ गाँव के लोगों के प्रति समर्पित सोच होनी चाहिए तभी हमारा गाँव आत्मनिर्भर और सशक्त बन पाएगा। अपने ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समय पर कर वसूली कर आमदनी बढ़ाए और जनहित के कार्यों में सबकी सहभागिता हो इसके लिए ग्रामीणों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जो सुविधाएं शासन द्वारा दी जा रही है, उसका बेहतर ढंग से उपयोग कर अपने गाँव को आदर्श बनाए।
विकास की प्राथमिकता तय करें
मंत्री डॉ डहरिया ने कहा विगत ढाई साल में पंचायतों को गाँव के विकास के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है। इसी का परिणाम है कि गाँव-गाँव में सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन, स्कूल और उपस्वास्थ्य केंद्र भवन की सुविधाएं मिली है। पंचायतों को असीमित अधिकार प्राप्त है। उन्हें शासन से प्राप्त राशियों का इस्तेमाल गाँव के विकास की प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने गाँव के विकास के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव देने और सरपंचों की माँग पर हर संभव सहयोग करने की बात कही।
