महामाया, राजेश्वरी और स्वर्णा 2800 रुपए क्विंटल,

खाद, बीज का उठाव, ले रहा तेजी

भाटापारा। राहत दे रही है यूरिया की कीमत लेकिन पोटाश ने अभी से परेशानी खड़ी करनी चालू कर दी है क्योंकि इसमें तूफानी तेजी आ चुकी है। कीमत 17 सौ रुपए तक पहुँच चुका है। इसलिए ले-देकर खरीदी की जा रही है।

खरीफ सत्र के लिए खाद, बीज का अग्रिम उठाव चालू हो चुका है। बीज की कुछ प्रजातियों में इस बार डिमांड ज्यादा देखी जा रही है, तो उर्वरक में यूरिया की खरीदी प्राथमिकता के तौर पर की जा रही है। वर्मी कंपोस्ट को लेकर रुझान जरा कम है लेकिन सुपर फास्फेट की खरीदी को लेकर बढ़ता रुझान देखकर समितियां हैरान हैं।

स्थिर है यूरिया, डीएपी

यूरिया। ऐसा उर्वरक जिसकी मांग पूरे साल रहती है। इसलिए सीमित उपलब्धता जैसी स्थितियां बनती हैंं। यह उठाव का पहला दौर सामान्य बना हुआ हैं लेकिन संकट का सामना करना ना पड़े, इसके लिए यूरिया की खरीदी को प्राथमिकता दी जा रही है। इसकी दर पूर्ववत याने 266 रुपए 50 पैसे पर ही है। डीएपी 1350 रुपए और इफको 1200 रुपए पर ठहरा हुआ है। उठाव इसमें भी जारी है।

सुपर में रुझान

उर्वरक में यूरिया अभी भी पहले नंबर पर बना हुआ है लेकिन पिछले 3 साल से जैसी बढ़त सुपर फास्फेट ले रहा है, वह निर्माता कंपनियों और सोसायटियों को हैरत में डाल रहा है। आगत खरीफ सत्र के लिए हो रही तैयारियों के बीच किसानों तक इसकी पहुंच 535 रुपए में हो रही है। समानांतर में वर्मी कंपोस्ट भी खरीदा जा रहा है। सुपर 180 और 300 रुपए वाली क्वालिटी आई है। प्रतिसाद बढ़त के ही बनते नजर आते हैं।

यहां भी आगे महामाया

जोरदार उत्पादन, भरपूर कीमत और पूरे साल मांग में रहने वाला महामाया धान का बीज इस बरस भी सबसे आगे है। दूसरे नंबर पर स्वर्णा है। बीज चयन में फिलहाल इन्हीं दोनों प्रजातियों को किसान प्राथमिकता दे रहे हैं। स्पष्ट संकेत है कि महामाया और स्वर्णा धान का रकबा, इस बार भी ज्यादा होगा। कीमत की बात करें, तो महामाया, स्वर्णा और राजेश्वरी धान बीज की खरीदी 2800 रूपये क्विंटल पर की जा रही है।