दोनों की खरीदी बंद, निर्यात भी नहीं
कोल्ड स्टोरेज में जमा स्टॉक से कारोबारी चिंतित
बिलासपुर। पुरानी इमली और पुराना बेर गले की फांस बन चुका है क्योंकि दक्षिण भारत ने इमली की खरीदी से हाथ खींच लिया है, तो बांग्लादेश ने बेर की खरीदी से लगभग इनकार कर दिया है। इधर नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है।
बीते बरस का रिकॉर्ड स्टाक वनोपज कारोबारियों के लिए परेशानी की वजह बन चुका है। बेर और इमली से कोल्ड स्टोर पैक हैं। दक्षिण भारत और बांग्लादेश ने शुरुआती दौर में इन दोनों की खरीदी को लेकर जैसा रुझान दिखाया था, उससे भविष्य अच्छा जाने की उम्मीद थी। यही उम्मीद कोल्ड स्टोर में स्टोरेज के रूप में पहुंची। अब लगाई गई पूंजी की वापसी तो दूर, किराया कैसे दें? जैसे सवाल यक्ष प्रश्न बन कर खड़े हैं क्योंकि दोनों ने, दोनों की खरीदी बंद कर दी है।
पुरानी में खरीदी नहीं
दक्षिण भारत को इमली का सबसे बड़ा उपभोक्ता माना जाता है। कुल उत्पादन का लगभग 75 हिस्सा यही खरीदता है लेकिन इस बार, इसने पुरानी इमली की खरीदी से साफ इनकार कर दिया है। 2400 रुपए क्विंटल भाव बोले गए, तब भी रुचि नहीं दिखाई। इसलिए चिंता यह है कि कोल्ड स्टोर में जाम इमली का निपटान कैसे किया जाए क्योंकि घरेलू मांग में भी दम नजर नहीं आ रहा है।

बेर और बांग्लादेश
इमली के बाद बेर अब एक नई परेशानी बनने जा रही है क्योंकि बंगलादेश ने इस बरस भारतीय बेर का पुराना स्टॉक नहीं लेने की सूचना वनोपज कारोबारियों को भेज दी है। 1200 से 1400 रुपए क्विंटल भाव बताने के बाद भी जैसे जवाब मिल रहे हैं, उसने नई मुसीबत खड़ी कर दी है, क्योंकि यह भी भारी मात्रा में स्टाक किया गया है। कोल्ड स्टोर का किराया कैसे पटाया जा सकेगा ?
आ रही और आएगी
इमली की नई फसल ने वनोपज के बाजार में दस्तक दे दी है। जैसी कीमत बोली जा रही है
उसे संतोषजनक नहीं माना जा रहा है लेकिन पुराना स्टॉक की स्थिति को देखते हुए सौदे लिए जा रहे हैं। इधर बेर की फसल अगले पखवाड़े के अंत तक दस्तक देने की संभावना है। भाव खुले नहीं है क्योंकि बांग्लादेश ने आयात के लिए अपने द्वार नहीं खोले हैं।

उपभोक्ता मांग नहीं
इमली और बेर की खरीदी को लेकर उपभोक्ता क्षेत्र की अरुचि समझ से परे है। कोल्ड स्टोर में जाम इन दोनों के विक्रय के लिए उपाय खोजे जा रहे हैं।
– सुभाष अग्रवाल, संचालक, एसपी इंडस्ट्रीज, रायपुर
