भाटापारा। अंतिम सिंचाई के लिए बारिश की बाट जोह रही है कर्नाटक और महाराष्ट्र में ली गई अरहर की फसल। निकलने लगी है बोनी की मांग बटरी और तिवरा में इसलिए सौदे बेहद ऊंचे जा रहे हैं।

दीपावली की मांग और स्टॉकिस्टों की खरीदी चालू हो चुकी है दलहन और तिलहन में। धान की सभी किस्में भी तेज होने लगीं हैं। विष्णुभोग तो सबसे आगे है लेकिन अब सियाराम में आई उछाल चौंका रही है।

होश उड़ा रही अरहर

कर्नाटक और महाराष्ट्र में होती है अरहर की व्यावसायिक खेती। फसल इस बार जोरदार बताई जा रही है लेकिन अरहर किसानों के मुताबिक अब अंतिम सिंचाई की जरुरत है।विदा लेते मानसून ने यदि मेहरबानी दिखा दी तो उत्पादन का बीते बरस का रिकॉर्ड टूट सकता है, नहीं तो 9000 से 9500 रुपए क्विंटल बोली जा रही कीमत 10 हजार रुपए तक पहुंचने की गारंटी है।

डिमांड बोनी की

चना खैरी 7500 से 7600 क्विंटल पर पहुंचा हुआ है, तो बटरी अरसे बाद 4000 से 4200 रुपए क्विंटल और तिवरा 3600 से 4000 रुपए क्विंटल पर पहुंचने के बाद तेजी का संकेत इसलिए दे रहा है क्योंकि बाजार की त्यौहारी मांग के लिए दलहन मिलों एवं बोनी के लिए किसानों की मांग निकली हुई है। मजबूती चना खैरी में भी आने लगी है, जिसमें 7500 से 7600 रुपए क्विंटल जैसी कीमत बोली जा रही है।

सियाराम 4200 रुपए क्विंटल

अरसे बाद सियाराम धान बारीक चावल बनाने वाली इकाइयों की मांग के दबाव में है। चावल में घरेलू बाजार की खरीदी निकली हुई है। इसलिए धान की कीमत 4200 रुपए क्विंटल बोली जा रही है। विष्णु भोग 6000 से 6200 रुपए पर स्थिर है, तो एचएमटी 3600 रुपए क्विंटल पर शांत है। मजबूत है महामाया 2700 से 2800 रुपए क्विंटल पर लेकिन हैरत में डाले हुए हैं, सरना जिसने 2350 रुपए क्विंटल जैसी कीमत अपने नाम कर ली है।