सूखे मेवों की कीमत में उछाल
बिलासपुर। आयात बंद अंजीर और पिस्ता का। घरेलू फसल नहीं के बराबर। अंजीर और पिस्ता में जबरदस्त तेजी आ गई है। सीजन की शुरुआत हो चुकी है मेवों में लेकिन जैसी तेजी आई हुई है उसके कम से कम दीपावली तक बने रहने की धारणा मजबूत हो चली है।
सूखे मेवों में मांग निकल चुकी है। फिलहाल रक्षाबंधन के लिए हो रही खरीदी में ज्यादा की मांग स्वीट काॅर्नरों से है जबकि घरेलू उपभोक्ता मांग गिफ्ट पैक में निकल रही है लेकिन शुरूआती रुझान से यह संभावना बलवती नजर आती है कि रिकॉर्ड तेजी के बावजूद उपभोक्ता मांग में गिरावट नहीं आएगी।
आयात बंद अंजीर और पिस्ता में
अफगानिस्तान से अंजीर का आयात होता है भारत के लिए। जबकि पिस्ता के लिए हम ईरान पर निर्भर हैं। लेकिन यह दोनों देश युद्ध की स्थिति का सामना कर रहे हैं इसलिए अंजीर और पिस्ता का आयात फिलहाल बंद है। यह तब,जब पर्व एवं त्यौहारों के दिन चालू हो चुके है लेकिन कमजोर आपूर्ति की वजह से अंजीर 800 से 1800 रुपए किलो पर पहुंचा हुआ है तो पिस्ता में नई कीमत रिकॉर्ड 3000 रुपए किलो बोली जा रही है।

टुकड़ी 800 से 900 रुपए
स्वीट काॅर्नर और मिठाई दुकानें खरीदतीं हैं काजू टुकड़ी । इसके अलावा पैक्ड काजू बर्फी बनाने वाली ईकाइयों की भी मांग में है काजू टुकड़ी। इसलिए यह 800 से 900 रुपए किलो पर पहुंची हुई है। जबकि काजू मीडियम 900 से 1000 रुपए किलो पर मजबूत है। काजू बोल्ड 1000 से 1100 रुपए किलो पर पहुंचकर संकेत दे रहा है कि चल रही कीमत और आगे जा सकती है क्योंकि दीपावली के लिए एडवांस सौदे किए जाने लगे हैं।
छलांग लगाई बादाम ने भी
किलो पीछे 100 से 200 रुपए की छलांग लगाकर बादाम 950 से 1250 रुपए किलो पर पहुंच गया है। किशमिश में नई कीमत 400 से 600 रुपए किलो बोली जा रही है। खजूर लाल 80 से 140 रुपए और खजूर काला 200 से 300 रुपए किलो पर जा पहुंचा है। अलबत्ता 800 से 1200 रुपए किलो पर आ जाने के बाद मखाना और नीचे जाने का संकेत दे रहा है क्योंकि इस बार उत्पादक क्षेत्र बिहार में मखाना की फसल जोरदार होने की खबर है।

गिफ्ट पैक महंगे
सूखे मेवों में आई तेजी के बाद पहला असर मेंवों के गिफ्ट पैक की कीमतों पर पड़ चुका है। न्यूनतम 150 रुपए और अधिकतम 1300 रुपए की जगह मेंवों के गिफ्ट पैक में नई शुरुआत अब 200 रुपए से हो चली है। अधिकतम कीमत 1500 से 2000 रुपए तक पहुंचने की खबर है। असर मेवों से बनने वाली मिठाइयों पर भी पड़ेगा, जिसमें नई कीमत की प्रतीक्षा कर रहे हैं उपभोक्ता।