“बने खाबो- बने रहिबो” अभियान

जशपुर नगर। 3 संस्थान। 6 सैंपल। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सख्त कार्रवाई स्पष्ट करती है कि खाद्य कारोबार में अवांछित गतिविधियों से जशपुर जिला भी पीछे नहीं है।

” बने खाबो-बने रहिबो” अभियान जिले में भी तेज गति से चल रहा है। कार्रवाई की सख्त शैली को देखकर खाद्य एवं पेय पदार्थ बनाने व बेचने वाली संस्थानें चिंता में आ रहीं हैं लेकिन हड़कंप मिठाई बनाने और बेचने वाली संस्थानों में इसलिए देखी जा रहीं हैं क्योंकि पहली बार वह तीन संस्थानें जांच के घेरे में आईं जिनका बड़ा नाम है पूरे जिले में।

3 संस्थान, 6 सैंपल

“बने खाबो- बने रहिबो” अभियान के पहले ही दिन मधुबन स्वीट्स, बालाजी बीकानेर और उत्कल रेस्टोरेंट में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने दबिश दी। फौरी जांच में संदिग्ध लगी कलाकंद, रसगुल्ला, चमचम, मिल्क केक, छेना की मिठाई और पेड़ा जैसी सबसे ज्यादा खरीदी जाने वाली मिठाइयां। इसलिए जांच टीम ने इनके सैंपल लिए हैं। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

जांच यहां भी

मौसम एवं खाद्य जनित बीमारियों के आशंका को ध्यान में रखते हुए किचन और भंडारगृह की सूक्ष्मता से जांच की गई। अहम है स्टाफ की व्यक्तिगत स्वच्छता। पंजीयन और अनुमति की वैधता की भी जांच की गई । मौजूद उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन का चयन और मिलावट की पहचान की जानकारी दी गई।यह थे जांच टीम में

यह थे जांच टीम में

“बने खाबो-बने रहिबो” अभियान के प्रथम दिवस जांच की कमान खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वय रोशन वर्मा एवं संजय कुमार राम ने संभाली। नमूना सहायक अंजलि नायक का विशेष सहयोग रहा।