बिलासपुर। गेहूं काॅमन 2600 से 2700 रुपए क्विंटल। गेहूं शरबती 4000 से 5000 रुपए क्विंटल। और बढ़ सकती है प्रति क्विंटल कीमत क्योंकि बाजार, फ्लोर मिलों और बोनी के लिए किसानों की मांग ने दस्तक दे दी है।
चावल, दाल और खाद्य तेलों के बाद अब गेहूं भी महंगा हो चला है क्योंकि एक साथ तीन क्षेत्रों से मांग निकलने लगी है। अनुपात में जो आवक हो रही है उसे कम माना जा रहा है। इससे तेजी का यह क्रम आगे भी बने रहने की धारणा है।
फ्लोर मिलों की खरीदी
दीपावली और बाद के महीनों में वैवाहिक तारीखें। आटा में भरपूर मांग की संभावना को देखते हुए फ्लोर मिलों ने अग्रिम खरीदी चालू कर दी है। फलस्वरूप सामान्य गेंहू 2600 से 2700 रुपए क्विंटल पर पहुंच गया है, तो फ्लोर मिल क्वालिटी के गेहूं में नई कीमत 2800 से 3000 रुपए क्विंटल बोली जाने लगी है। कृषि उपज मंडियों में आवक ने दस्तक जरूर दे दी है लेकिन आवक को मांग की तुलना में 25 फ़ीसदी कम माना जा रहा है।

बोनी की तैयारी
खरीफ फसल तैयार होने लगी है। ऐसे में किसानों ने रबी सत्र के लिए गेहूं में बोनी के लिए खरीद चालू कर दी है। रुझान जरा कम ही है लेकिन इससे भी गेहूं को अपनी कीमत बढ़ाने में मदद मिल रही है। मंडी क्वालिटी का गेहूं बोनी के लिए आवश्यक समझा जाता रहा है, उसमें 2700 से 2800 रुपए क्विंटल की दर पर खरीदी निकलने लगी है। पर्याप्त सिंचाई साधन संपन्न किसान शरबती की मांग कर रहे हैं फलस्वरुप यह गेहूं 4000 से 5000 रुपए क्विंटल पर पहुंचा हुआ है।
बढ़ गए दाम आटा, सूजी और मैदा में
गेहूं की कीमतों में जोरदार तेजी के बाद अब आटा, सूजी और मैदा में कीमतें बढ़ने लगीं हैं। प्रति किलो 5 से 10 रुपए की उछाल के बाद, आटा लूज 36 से 48 रुपए, आटा 5 किलो का पैकेट 190 से 240 रुपए पर जा पहुंचा है। समानांतर में पैक्ड सूजी 50 से 70 रुपए तथा पैक्ड मैदा 50 से 70 रुपए पर पहुंचकर आगे भी वृद्धि का संकेत दे रहा है। मांग इनमें भी बढ़ने लगी है क्योंकि दीपावली के लिए होलसेल और रिटेल मार्केट की तैयारी चालू हो चुकी है।