बिलासपुर। अब ‘बाती’ भी महंगी क्योंकि रुई की कीमतों में प्रति किलो 20 से 30 रुपए की वृद्धि हो चुकी है। घटने की संभावना फिलहाल इसलिए नहीं है क्योंकि त्यौहारी मांग दीपावली और एकादशी तक बनी रहेगी।
देश स्तर पर कपास की कीमत में जोरदार इजाफा ने अब खुदरा बाजार में भी दस्तक दे दी है, रुई की प्रति किलो कीमत में 20 से 30 रुपए की वृद्धि के रूप में। फलस्वरूप रेडिमेड लंबी ‘बाती’ और फूल बत्ती के दाम भी बढ़ गए हैं। बढ़ सकती है कीमत क्योंकि सीजन ने दस्तक दे दी है।

रुई तब, और अब
280 से 370 रुपए किलो पर थी रुई की प्रति किलो कीमत लेकिन कपड़ा मिलों की खरीदी के बाद अब इसने 20 से 30 रुपए की बढ़त के बाद 300 से 400 रुपए किलो जैसी नई कीमत अपने नाम कर ली है। तेजी का अंदेशा इसलिए भी है क्योंकि कपड़ा मिलों की खरीदी अभी भी पूर्ववत स्तर पर बनी हुई है। ऐसे में हल्की शार्टेज की धारणा खुदरा बाजार व्यक्त कर रहा है।

बढ़ गए दाम ‘बाती’ के
रुई में प्रति किलो कीमत बढ़ने के बाद रेडिमेड बत्तियों की कीमत भी बढ़ चुकी है।फूल बत्ती में प्रति सैकड़ा कीमत 15 रुपए बोली जा रही है, तो लंबी बत्ती में नई दर 12 रुपए प्रति सैकड़ा पर पहुंच चुकी है। दोनों में सैकड़ा पीछे दो से तीन रुपए की वृद्धि हो चुकी है।यह कीमत और भी बढ़ने की आशंका इसलिए है क्योंकि सीजन चालू हो चुका है, जो दीपावली और एकादशी तक बना रहेगा।

एडवांस सौदे इनके भी
कपड़ा मिलों की प्रतिस्पर्धी खरीदी और खुदरा बाजार की त्यौहारी मांग के बाद अब रजाई- गद्दा बनाने वाली लघु और मध्यम दर्जे की इकाइयों ने बढ़ती कीमत को देखते हुए रुई में एडवांस खरीदी चालू कर दी है क्योंकि शीत ऋतु के लिए अग्रिम तैयारी करनी है। ऐसे में आ रही तेजी दीर्घकाल तक बनी रहने की प्रबल आशंका है।