बने खाबो-बने रहिबो’अभियान

कोंडागांव। संदेहास्पद थी पनीर और खोवा की गुणवत्ता, सैंपल लिए। प्रारंभिक जांच में सही नहीं मिले बेसन के लड्डू और मिठाइयां। इसलिए इनका भी सैंपल लिया गया।

‘बने खाबो-बने रहिबो’अभियान ने वनांचल कोंडागांव में भी दस्तक दे दी है। सख्त जांच के घेरे में आ रहीं संस्थानें पहली बार इसलिए हतप्रभ हैं क्योंकि ऐसी मिठाइयों के सैंपल लिए जा रहे हैं, जिनकी जांच अब तक कभी नहीं हुई थी।

लिये सैंपल पनीर और खोवा के

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने किचन से लेकर काउंटरों तक की जांच की। जरूरी सुरक्षा मानकों के पालन की हिदायत के साथ पनीर और खोवा के सैंपल इसलिए लिए क्योंकि प्रारंभिक जांच में इन दोनों की गुणवत्ता सही नहीं मिली। इसलिए इनका सैंपल लिया जाकर खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया। रिपोर्ट उपरांत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पहली बार बेसन के लड्डू

खोवा से बनी मिठाइयों के साथ पहली बार जांच टीम ने बेसन के लड्डू के भी सैंपल लिए क्योंकि गुणवत्ता पर संदेह था। इसी तरह दीगर ऐसी मिठाइयों की भी जांच की गई जिनकी मांग रक्षाबंधन पर विशेष तौर पर रहती आई है। कार्यस्थल में मिली खामियां तत्काल दूर करने की हिदायत दी गई।

नजर में बेकरी आइटम भी

ब्रेड, बिस्किट्स, टोस्ट सहित बेकरी आइटम भी जांच के घेरे में हैं। सूक्ष्म जांच में ऐसी कन्फेक्शनरी की भी पड़ताल साथ-साथ हो रही है जिनके अधिकतर उपभोक्ता बच्चे होते हैं। बने खाबो बने रहिबो अभियान के तहत हुई इस जांच में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय नंद और सुमन ठाकुर के अलावा अन्य सहयोगी भी शामिल थे।

परीक्षण रिपोर्ट की प्रतीक्षा

पनीर, खोवा और बेसन से बनी मिठाइयों के चार सैंपल लिए गए हैं। परीक्षण रिपोर्ट के उपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
-रोशन वर्मा, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कोंडागांव