बिलासपुर।  सूर्य चमक 9 घंटे। आर्द्रता 85 प्रतिशत। परिणाम तेज धूप और चिपचिपी गर्मी लेकिन चल रहा क्वांर का महीना ऐसे ही मौसम के बीच गुजारना होगा।

फसलों के लिए मौसम का यह रूप भले ही वरदान माना जा रहा हो लेकिन आम जनमानस धूप और चिपचिपी गर्मी से राहत की आस में है जो कार्तिक मास में ही संभव है। अलबत्ता रातों में जरूर हल्की ठंड महसूस की जा रही है।

कहते हैं ‘कुंवरहा धूप’

सामान्य है मौसम का यह रूप। क्वांर के महीने में पड़ने वाली धूप इस बार इसलिए ज्यादा महसूस की जा रही है क्योंकि भरपूर बारिश से खेत लबालब हैं और जमीन में नमी भी पर्याप्त है। ऐसे में सूर्य की तेज धूप, वाष्पन की गति बढ़ाए हुए है। इसलिए उमस भरी गर्मी महसूस की जा रही है। बताते चलें कि अपने छत्तीसगढ़ में ऐसी धूप को कुंवरहा धूप के नाम से पहचाना जाता है।

रात होने लगी ठंडी

पूरा दिन तेज धूप और चिपचिपी गर्मी में गुजारने के बाद शाम को चलने वाली हवा राहत दे रही है, तो अर्धरात्रि के बाद हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। इसमें समयावधि भले ही कम मानी जा रही हो लेकिन हल्की राहत तो जरूर मिल रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार चल रहा महिना और मौसम का यह रूप सामान्य है।

सूर्य चमक 9 घंटे

न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है तो अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा हुआ है। अलबत्ता वायुवेग 5 से 6 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पर चल रहा बताया जा रहा है। सूर्य चमक 9 घंटे पर मजबूत है जबकि आर्द्रता 85 फीसदी दर्ज की जा रही है। मौसम का यह स्तर फिलहाल अगले कुछ दिनों तक बने रहने का पूर्वानुमान है।

बढ़ता वाष्पन और खेतों की नमी उमस का कारण

क्वांर में तेज धूप के साथ उमस महसूस होना सामान्य मौसमी स्थिति है। पर्याप्त बारिश के कारण मिट्टी में नमी अधिक है और तेज धूप से वाष्पन बढ़ रहा है, जिससे वातावरण में आर्द्रता बनी हुई है। इसे ही स्थानीय तौर पर ‘कुंवरहा धूप’ कहा जाता है। फसलों के लिए यह धूप खेतों की अतिरिक्त नमी कम करने में सहायक हो सकती है, जबकि रात के तापमान में गिरावट मौसम के धीरे-धीरे ठंड की ओर बढ़ने का संकेत है।

डॉ. एस.आर.पटेल, रिटायर्ड साइंटिस्ट (एग्रोनॉमी), इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर