छोटे पैक में 50 फ़ीसदी घटी मांग


भाटापारा। धान के बाद, अब तेज होने की बारी है पोहा की। इसमें 100 से 150 रुपए की गर्मी आ चुकी है। कमजोर मांग का सामना कर रहीं पोहा मिलों के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है क्योंकि उपभोक्ता राज्यों की मांग भी निकल रही है।

धान में आ रही तेजी और पोहा की उपभोक्ता मांग संतोषजनक नहीं होने के बीच संकट का सामना करतीं पोहा मिलों के लिए चालू सप्ताह राहत की खबर लेकर पहुंचा है। ऑर्डर की मात्रा भले ही ज्यादा नहीं है लेकिन एक साथ चार उपभोक्ता राज्यों की मांग से संकट दूर होने के संकेत मिल रहे हैं।

अब इस कीमत पर

महामाया धान में आई तेजी के बाद पोहा की जो नई कीमत बताई जा रही है, उसके मुताबिक मोटा पोहा की नई कीमत 3100 रुपए क्विंटल होगी। 100 से 150 रुपए गर्मी के बाद पोहा बारीक 3200 से 3350 रूपए क्विंटल पर खरीदा जा सकेगा। तेजी की यह स्थिति आने वाले दिनों में भी बने रहने की आशंका है।

महाराष्ट्र का साथ

छत्तीसगढ़ की पोहा मिलों को हमेशा से महाराष्ट्र का साथ मिलता रहा है। लंबी खामोशी के बाद अब इस उपभोक्ता राज्य ने फिर से छत्तीसगढ़ में पोहा की खरीदी चालू कर दी है। इसमें भी अपने भाटापारा में बनने वाले पोहा को प्राथमिकता मिल रही है।

यहां से भी आ रही मांग

महाराष्ट्र की खरीदी निकलने के बाद मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक जैसे प्रदेश से भी पोहा की मांग निकलने लगी है। इसके अलावा घरेलू मांग में भी इजाफा होता देखा जा रहा है। यह मांग दीर्घ अवधि तक बने रहने की संभावना है क्योंकि शादियों का सीजन भी चालू हो चुका है।

जीएसटी की मार

उपभोक्ता मांग में बढ़त को भले ही राहत देने वाला बताया जा रहा है लेकिन पोहा की छोटी पैकिंग बनाने वाली यूनिटों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं क्योंकि पांच प्रतिशत जीएसटी के बाद छोटी पैकिंग के पोहा की कीमत ज्यादा पड़ रही है। इससे इसका बाजार 50 प्रतिशत टूट चुका है।

मांग संतोषजनक

धान की कीमत बढ़ने से पोहा में तेजी आ रही है। राहत की बात यह है कि उपभोक्ता राज्यों की मांग निकलने लगी है। चिंता छोटी पैकिंग को लेकर है, जहां 50 फ़ीसदी बाजार कम हो चुका है।
– रंजीत दावानी, अध्यक्ष, पोहा मिल एसोसिएशन, भाटापारा